A bright yeएक बार एक गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। वह अपनी सूझबूझ और ईमानदारी के लिए पूरे गाँव में प्रसिद्ध था।एक दिन रामू अपने खेत से काम खत्म करके घर लौट रहा था। रास्ते में उसे सोने के सिक्कों से भरी एक थैली मिली। थैली देखकर रामू के मन में बिल्कुल भी लालच नहीं आया। उसने आस-पास के लोगों से पूछा, लेकिन वह थैली किसी की नहीं थी। रामू ने फैसला किया कि वह इस थैली को गाँव के मुखिया के पास जमा करा देगा।अगले दिन सुबह वह मुखिया के घर पहुँचा और थैली उन्हें सौंप दी। उसी समय वहाँ गाँव का एक अमीर जमींदार आया। जमींदार ने थैली देखते ही दावा किया कि यह थैली उसकी है जो कल रास्ते में गिर गई थी। मुखिया ने जमींदार से पूछा, "इस थैली में कितने सिक्के थे?"जमींदार लालची था। उसने सोचा कि क्यों न कुछ और सिक्के ऐंठ लिए जाएँ। उसने झूठ बोलते हुए कहा, "हुजूर, मेरी थैली में पूरे पचास सोने के सिक्के थे।"मुखिया ने सिक्कों की गिनती शुरू की। गिनती खत्म होने पर थैली में केवल तीस सिक्के निकले। मुखिया जमींदार की चालाकी समझ गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए जमींदार से कहा, "इसका मतलब यह थैली तुम्हारी नहीं है। क्योंकि इसमें सिर्फ तीस सिक्के हैं। तुम अपनी पचास सिक्कों वाली थैली कहीं और ढूँढो।"मुखिया ने वह थैली रामू को उसकी ईमानदारी के इनाम के रूप में दे दी। लालची जमींदार अपना सा मुँह लेकर वहाँ से चला गया।llow school bus driving through a cheerful town, with large wheels spinning round and round, sunny blue sky, cartoon style, vibrant colors, for children’s rhyme illustration.