ज़रूर! यहाँ एक छोटी हिंदी कहानी है: ईमानदार लकड़हारा एक गाँव में रामू नाम का गरीब लकड़हारा रहता था। वह रोज़ जंगल जाकर लकड़ी काटता और बेचकर अपना गुज़ारा करता था। एक दिन नदी किनारे पेड़ काटते समय उसकी कुल्हाड़ी पानी में गिर गई। रामू बैठकर रोने लगा। तभी नदी से एक परी निकली। उसने सोने की कुल्हाड़ी दिखाकर पूछा, “क्या यह तुम्हारी है?” रामू बोला, “नहीं।” फिर परी ने चाँदी की कुल्हाड़ी दिखाई। रामू ने फिर मना कर दिया। अंत में परी लोहे की पुरानी कुल्हाड़ी लाई। रामू खुशी से बोला, “हाँ, यही मेरी है।” रामू की ईमानदारी देखकर परी ने उसे तीनों कुल्हाड़ियाँ दे दीं। सीख: ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है।